रानी पद्मावती की सुंदरता का रहस्य | सुंदरता का रहस्य हुआ उजागर

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अलाउद्दीन खिलजी की बुद्धि भ्रष्ट कर देने वाली सुंदरता का रहस्य हुआ उजागर

वो बला की खूबसूरत थी, वह सिंघल साम्राज्य की राजकुमारी थी. पहले राजा रतन सिंह उस पर दिल हार बैठे और शादी के बाद सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी की नियत बिगड़ी. असीम खूबसूरती ने एक साम्राज्य को उजाड़ दिया तो दूसरे साम्राज्य की नीव हिल गई. जी हां यहां बात हो रही है मेवाड़ साम्राज्य और दिल्ली सल्तनत की. पर जो सबसे जरूरी सवाल है वह यह कि बला की खूबसूरत रानी पद्मावती की खूबसूरती का राज क्या था? ना सिर्फ उनके नयन नक्श खूबसूरत थे बल्कि उनकी त्वचा इतनी चमकदार थी मानो किसी स्वर्ग से उतरी हुई अप्सरा को देख लिया हो. सिंघल साम्राज्य आज के श्रीलंका में पड़ता है. 

रानी पद्मावती की खूबसूरती के राज  से आज पर्दा उठने जा रहा है. ना उस जमाने में क्रीम पाउडर हुआ करते थे और ना ही हुआ करती थी साबुन. तीखे नैन नक्श वाली रानी पद्मावती के पास अप्सराओं जैसी त्वचा थी और कहते हैं रानी पद्मावती जिस रास्ते से निकल जाती थी कुछ घंटों तक वहां मन मोह लेने वाली खुशबू आती रहती थी. नालंदा विश्वविद्यालय जो कभी असीमित ज्ञान का भंडार हुआ करता था उसमें मौजूद बहुत सारी किताबें जिनमें हर तरह के इलाज, वैज्ञानिक खोजें और बहुत सारे नुस्खे मौजूद थे, बख्तियार खिलजी के ज्ञान के भंडार को नष्ट करने के बावजूद वह ज्ञान पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ और जो किताबें बचा ली गई उनमें से आज भी बहुत सारी ऐसी जानकारियां मिलती हैं जिन्हें पढ़ने के बाद यह पता चल जाता है कि उस वक्त के लोगों के पास किस तरह का ज्ञान मौजूद था.

आज उनमें से ही एक अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी आपके साथ साझा की जा रही है. यदि लड़कियां इस नुस्खे का इस्तेमाल शुरू कर दें तो यकीन मानिए कुछ ही वक्त के बाद उनकी त्वचा रानी पद्मावती की भांति चमकदार और स्वस्थ होगी.
जैसा कि आपको बताया गया है कि सिंगल देश की राजकुमारी पद्मावती आज के श्रीलंका में रहती थी. रानी पद्मावती प्रतिदिन जिस अर्क से स्नान करती थी उसमें मुल्तानी मिट्टी और ताजा नीम का रस हुआ करता था. रानी पद्मावती के स्नान से पहले उसकी दासिया उन्हें मुल्तानी और नीम का लेप बनाकर गाय के दूध और चुटकी भर हल्दी के साथ मिलाकर आधे घंटे तक उनके शरीर पर मलती थी. मलने के पश्चात गुलाब के इत्र के पानी से रानी पद्मावती को नहलाया जाता था रात्रि के समय रानी पद्मावती के शरीर पर शुद्ध नारियल के तेल से दासिया  मालिश करती  थी.
 
यह नारियल का तेल कोई आम नारियल का तेल नहीं होता. जैसा कि आप सभी जानते ही हैं कि श्रीलंका में नारियल मुख्य फसल में से एक रहा है आज के श्रीलंका की इकोनॉमी का बहुत बड़ा भाग सिर्फ नारियल की वजह से ही आता है. अतः यह नारियल का तेल प्राचीन काल से ही श्रीलंका में उपलब्ध रहा है और यदि आज आप शुद्ध नारियल का तेल किसी भी ऑनलाइन कंपनी से मंगवाते हैं तो यह 700 से ₹800 प्रति 500 ग्राम के मूल्य पर उपलब्ध है. 

रानी पद्मावती प्रतिदिन इसी प्रक्रिया से गुजरा करती थी जहां मुल्तानी मिट्टी से बना हुआ लेप उसकी त्वचा को कुदरती तरीके से निखारता था वही रात्रि के 12 घंटों में शुद्ध नारियल का तेल उनकी त्वचा को चमकदार और खूबसूरत बनाता था. रानी पद्मावती की खूबसूरती स्वर्ग की अप्सरा ओं के समान थी. 

दिल्ली के सुल्तान यह जानते हुए भी कि वह राजा रतन सिंह की पत्नी है उसके बावजूद उनकी खूबसूरती पर इस तरह से मोहित हुए कि वह हर हाल में बस पद्मावती को हासिल करना चाहते थे और यही वजह थी कि उसे मेवाड़ की तलवारों का सामना करना पड़ा. रानी पद्मावती का सच्चा प्यार रावल रतन सिंह को दिल्ली सल्तनत की जेलों से आजाद करवा कर वापस मेवाड़ तक ले आया परंतु पद्मावती की खूबसूरती के पीछे पागल हुआ अलाउद्दीन खिलजी बड़ी सेना लेकर मेवाड़ पर चढ़ाई करने आ पहुंचा और पद्मावती को हासिल करने के लिए कत्लेआम पर उतर आया परंतु बला सी खूबसूरत पद्मावती जो सिर्फ रावल रतन सिंह से प्यार करती थी ने अग्नि की चादर ओढ़ कर अपने सच्चे प्यार का परिचय दिया और अप्सराओं के समान उस खूबसूरत शरीर को हासिल करने का अलाउद्दीन के सपने को चूर चूर कर दिया.
(समाप्त) 
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